बलिया: विद्यार्थियो के जीवन के साथ हो रहा खिलवाड, यूनिवर्सिटी के फैसले अनियमित

 बलिया मे यूनिवर्सिटी अपने विधार्थियो के जीवन के साथ खिलवाड करने से बाज नही आ रही है। अभी तक तो अन्य यूनिवर्सिटी की तुलना यह नंबर का मिलता था पर अब तो बात और भी आगे जा पहुची है। 

विधार्थियो द्वारा उठाये गए प्रमुख मुद्दे-

  • अन्य यूनिवर्सिटी की तुलना मे कम नंबर मिलना जिस से की मेरिट वाले नौकरियों मे मुश्किल राह। 
  • प्रोमोट करने के बाद बिना सिर पैर के नियम द्वारा नंबर का वितरण। समान अंक पाए छात्रो मे किसी का अंक कम बढा किसी का अधिक। कुछ विधार्थियो का नंबर कम भी हुआ जो एक शोध का विषय की आखिर कैसे बिना परीक्षा किसी का नंबर कम हो सकता है? 
  • इंप्रोवमेंट और बैक पेपर की समस्या- एक ही संकाय के अलग अलग विधार्थियो के लिए अलग नियम, किसी को 2 विषय चुनने का मौका और किसी को बस 1 विषय। साथ ही इस बात को यूनिवर्सिटी मे उठाने पर भी की हल न निकलना। 
  • अन्य यूनिवर्सिटी से अलग मात्र सप्ताह भर पहले अपने विधार्थियो को परीक्षा की सूचना देना। परीक्षा की तिथियों का आनन फानन मे निर्धारण। जबकि बाकी यूनिवर्सिटी अपने छात्रों को मौका देती है। इसमे भी कई संकाय की छमाही परीक्षाएं 3सरे या 4थे महीने मे ही कराई जा रही है वो भी मात्र 7 दिन की पूर्व सूचना पे। 

तो आखिरकार ये छात्रो के साथ खिलवाड तो है। 
बस कड़ाई के दिखावे मे छात्रो को दूसरी यूनिवर्सिटी की तुलना मे कमजोर किया जा रहा। 


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